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म्यांमार हिंसा: 38 प्रदर्शनकारियों की मौत, UN ने इसे बताया ‘सबसे खूनी दिन’

Myanmar Violence: वर्चुअल ब्रीफिंग के दौरान क्रिस्टीन श्रेनर बर्गनर (Christine Schraner Burgener) ने कहा ‘मैंने आज कई परेशान करने वाली वीडियो क्लिप्स देखीं. एक में दिखाया गया कि पुलिस मेडिकल कार्यकर्ता को पीट रही है.’

यांगोन. म्यांमार (Myanmar) में सैन्य तख्तापलट (Military Coup) का विरोध कर रहे लोगों पर सुरक्षा बलों (Security Forces) की तरफ से गोलीबारी किए जाने की खबर है. बुधवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हुए इस हमले में कम से कम 38 की मौत हो गई है. संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने इस ‘सबसे खूनी दिन’ बताया है. खास बात है कि पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी हैं. लोग लगातार आंग सान सू ची समेत कुछ दूसरे सरकारी अधिकारियों को रिहा करने की मांग रहे हैं.

म्यांमार में बुधवार को जमकर हिंसा हुई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चश्मदीद बताते हैं कि पुलिस और सैनिकों ने थोड़ी चेतावनी के बाद लाइव राउंड्स के साथ गोलीबारी शुरू कर दी थी. म्यांमार में संयुक्त राष्ट्र की राजदूत क्रिस्टीन श्रेनर बर्गनर ने न्यूयॉर्क में कहा ‘तख्तापलट शुरू होने के बाद अब तक 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और गई लोग घायल हो चुके हैं.’ उन्होंने इस दौरान हथियारों के विशेषज्ञों के हवाले से जानकारी दी. इन जानकारों ने वीडियो फुटेज की जांच की थी, जिसमें नजर आ रहा था कि पुलिस लोगों पर गोलीबारी के लिए 9mm सब-मशीन गन का इस्तेमाल कर रही है.

वर्चुअल ब्रीफिंग के दौरान बर्गनर ने कहा ‘मैंने आज कई परेशान करने वाली वीडियो क्लिप्स देखीं. एक में दिखाया गया कि पुलिस मेडिकल कार्यकर्ता को पीट रही है.’ उन्होंने कहा ‘एक अन्य वीडियो में दिखाया कि एक प्रदर्शनकारी को पुलिस से दूर ले जाया गया और बेहद नजदीक से गोली मार दी गई, शायद एक मीटर से. उसने अपनी गिरफ्तारी का विरोध नहीं किया था और ऐसा लगा कि वो सड़क पर ही मर गया.’

अलजजीरा के मुताबिक, तख्तापलट के बाद से ही असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स गिरफ्तारियों पर नजर बनाए हुए हैं. इसका कहना है कि 1 हजार 498 लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं और 1 हजार 192 अब भी हिरासत में ही हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, देश में शासन कर रही सेना के प्रवक्ता ने मामले पर प्रतिक्रिया देने के लिए फोन का जवाब नहीं दिया.
बुधवार को ऐसे कई वीडियो सामने आए थे, जिनमें नजर आ रहा था कि सुरक्षा बल प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हमला कर रहे हैं. उन्हें पकड़ रहे हैं और बंदूक के बट से एंबुलेंस के सदस्य को पीट रहे हैं. इस हिंसा के चलते म्यांमार में जारी सत्ता संघर्ष को सुलझाने के प्रयासों को बढ़ाना पड़ सकता है. कहा जा रहा है कि मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र इस शुक्रवार को बैठक कर सकता है.

म्यांमार में लोग सेना के तख्तापलट और निर्वाचित नेता आंग सान सू ची को निष्कासित किए जाने के खिलाफ रोजाना प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों को काबू करने या उन्हें तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बल लगातार आंसू गैस के गोले, रबड़ की गोलियां दाग रहे हैं और गोलीबारी कर रहे हैं. टीवी चैनल एवं ऑनलाइन सेवा ‘डेमोक्रेटिक वॉयस ऑफ बर्मा’ ने भी मृतकों की संख्या 38 ही बताई है.

गौरतलब है कि म्यांमा में सेना ने एक फरवरी को तख्तापलट कर देश की बागडोर अपने हाथ में ले ली थी. सेना का कहना है कि सू ची की निर्वाचित असैन्य सरकार को हटाने का एक कारण यह है कि वह व्यापक चुनावी अनियमितताओं के आरोपों की ठीक से जांच करने में विफल रही.

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