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कैमरा पसंद Vladimir Putin ने Off-Camera लगवाई Corona Vaccine, आलोचकों ने उठाए सवाल

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि जहां तक कैमरे के सामने टीका लगवाने की बात है, तो राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने कभी इसका समर्थन नहीं किया है, वह इसे पसंद नहीं करते हैं. उन्होंने वैक्सीन के प्रमोशन के लिए पहले ही काफी कुछ किया है. 

मॉस्को: एक तरफ जहां दुनिया के तमाम लीडर्स कैमरे के सामने कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) लगवा रहे हैं, ताकि आम जनता में वैक्सीन के प्रति विश्वास कायम किया जा सके. वहीं, रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने ऐसा नहीं किया है. पुतिन को मंगलवार को COVID-19 टीका लगाया गया, लेकिन इस दौरान न तो कोई वीडियो जारी हुआ, न ही फोटो. सरकार ने केवल बयान जारी करके इसकी जानकारी दी. अब रूस में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर राष्ट्रपति को कैमरे से इतनी आपत्ति क्यों है? वो भी तब जब कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों का डर दूर करने की जरूरत है. 

Putin को On-Camera वैक्सीनेशन पसंद नहीं 

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव (Dmitry Peskov) ने CNN को बताया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को कोरोना वैक्सीन लगाई गई है और वह अच्छा महसूस कर रहे हैं. वैक्सीनेशन के बाद उन्होंने पूरा दिन काम भी किया. पेस्कोव ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि राष्ट्रपति के वैक्सीनेशन की कोई तस्वीर या वीडियो जारी नहीं किया जाएगा, क्योंकि उन्हें ये पसंद नहीं है. पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा था, ‘जहां तक कैमरे के सामने टीका लगवाने की बात है, तो राष्ट्रपति ने कभी इसका समर्थन नहीं किया है, वह इसे पसंद नहीं करते हैं’.

‘Promotion के लिए पहले ही बहुत कुछ किया’ 

यह पूछे जाने पर कि वैक्सीनेशन के प्रमोशन के लिए क्या राष्ट्रपति पुतिन को ऑन कैमरा टीका नहीं लगवाना चाहिए? दिमित्री पेस्कोव ने कहा, ‘सरकार टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए पहले ही बहुत कुछ कर चुकी है. राष्ट्रपति ने इस संबंध में कई बैठकों, आयोजनों और वार्ता में हिस्सा लिया है. इसलिए, अब प्रमोशन के लिए ऑन कैमरा वैक्सीनेशन की कोई जरूरत नहीं. वैसे भी उन्हें ये सब पसंद नहीं है’. हालांकि, आलोचकों का कहना है कि पुतिन का कैमरा प्रेम जगजाहिर है, फिर उन्हें कैमरे के सामने टीका लगवाने में क्या परेशानी थी.   

Vaccine का नाम भी नहीं बताया

क्रेमलिन की तरफ से यह भी नही बताया गया है कि व्लादिमीर पुतिन ने कौन सी वैक्सीन लगवाई है. इस बारे में राष्ट्रपति ने प्रवक्ता ने कहा कि वैक्सीन के नाम का खुलासा नहीं किया जाएगा, लेकिन यह उन तीन रूसी वैक्सीन (Sputnik V, EpiVacCorona या CoviVac) में से एक है, जिन्हें मंजूरी दी गई है. उन्होंने आगे कहा कि जानबूझकर यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है, क्योंकि हम लोगों को यह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि तीनों टीके पूरी तरह सुरक्षित हैं.  

Social Media पर हो रही आलोचना

उधर, क्रेमलिन के आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति पुतिन के वैक्सीनेशन से पहले ही देश में भय का माहौल है. लोग वैक्सीनेशन से बच रहे हैं. अब पुतिन के इस कदम से लोगों में ज्यादा भ्रम की स्थिति होगी. गौरतलब है कि रूस की आबादी 14.6 करोड़ है और इसमें से सिर्फ 63 लाख यानी महज 4.3 फीसदी आबादी ने ही टीका लगवाया है. जबकि अन्य देशों में वैक्सीनेशन की दर काफी ज्यादा है. सोशल मीडिया पर भी ऑफ कैमरा वैक्सीन लगवाने के लिए पुतिन की आलोचना हो रही है. लोगों का यहां तक कहना है कि शायद राष्ट्रपति ने टीका लगवाया ही नहीं है.

प्रदर्शनों ने बढ़ाई Putin की चिंता
 

रूस में पुतिन के धुर-विरोधी एलेक्सी नवेलनी के समर्थन में विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है. जेल में बंद नवेलनी की रिहाई के लिए लोगों के उमड़ते हुजूम ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रूस की आलोचना हो रही है. खासकर, अमेरिका ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. अमेरिका ने रूस से तुरंत एलेक्सी नवेलनी को रिहा करने को कहा है.  

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