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सुब्रमण्यम स्वामी की मांग, इंद्रप्रस्थ हो दिल्ली का नाम, हिंदू पुनर्जागरण के लिए जरूरी है राजधानी का नाम बदला जाना

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भाजपा नेता व राज्यसभा सदस्य डाॅ. सुब्रमण्यम स्वामी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम इंद्रप्रस्थ करने की मांग की है। स्वामी ने ट्वीट में लिखा ‘हिंदू पुनर्जागरण के लिए दिल्ली का नाम इंद्रप्रस्थ किया जाना जरूरी है।

द्रौपदी ट्रस्ट ने किया पर्याप्त अध्ययन

इस संबंध में द्रौपदी ट्रस्ट की डाॅ. नीरा मिश्र ने पर्याप्त अध्ययन किया है। तमिलनाडु के एक महान संत ने मुझे यह बताया था कि जब तक हम राजधानी का नाम दिल्ली से बदलकर इंद्रप्रस्थ नहीं कर देते तब तक देश में उथल-पुथल बनी रहेगी।

ब्रिटिश व मुगल शासन के राजस्व रिकार्ड में इंद्रप्रस्थ होने के प्रमाण मिलते हैं

असल में द्रौपदी ट्रस्ट की संस्थापक व अध्यक्ष डाॅ. नीरा मिश्र ने ऐसे कई साक्ष्य तलाशे हैं जो मौजूदा दिल्ली का नाम इंद्रप्रस्थ होने के प्रमाण देते हैं। वे बताती हैं कि महाभारत में तो इसका जिक्र है ही, 1911 में ब्रिटिश सरकार की अधिसूचना में भी इसके प्रमाण मिलते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए वह 18 वर्ष से अध्ययन कर रही हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के रिकार्ड के साथ ही ब्रिटिश व मुगल शासन के राजस्व व अन्य रिकार्ड में भी इसका नाम इंद्रप्रस्थ होने का उल्लेख है।

1911 में ब्रिटिश सरकार की अधिसूचना में इंद्रप्रस्थ किले से जुड़े क्षेत्र को इंद्रप्रस्थ संरक्षित क्षेत्र घोषित

इसके बावजूद इंद्रप्रस्थ नाम को मिटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। 1911 में ब्रिटिश सरकार की अधिसूचना में भी तत्कालीन इंद्रप्रस्थ किले से जुड़े क्षेत्र को इंद्रप्रस्थ नाम से संरक्षित क्षेत्र में घोषित करने का प्रमाण है। इसे देखते हुए इसका नाम दिल्ली से बदलकर इंद्रप्रस्थ करने में सरकार को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। 

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