Rajasthan

JJM प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश, MLA की सिफारिश पर रोकी कार्रवाई, अब दोबारा होगी जांच

दूदू जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है. 

Jaipur : दूदू जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है. दूदू विधायक बाबूलाल नागर (Dudu MLA Babulal Nagar) की सिफारिश पर विभाग ने दोषी अफसरों और कांट्रेक्टर पर कार्रवाई को रोक दिया है. जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद भी मंत्री बीडी कल्ला (BD Kalla) ने फिर से जांच के आदेश दे दिए. यानी 18 करोड़ के प्रोजेक्ट में गड़बड़ी को दबाने का प्रयास किया जा रहा,आखिर जलदाय विभाग कैसे घपले को छुपा रहा है.

विधायक की सिफारिश पर उसी दिन रुकी कार्रवाई
दूदू के 18 करोड़ के जल जीवन प्रोजेक्ट (Jal Jeevan Mission) में गड़बड़ी करने वाले दोषी इंजीनियर्स और फर्म पर गाज गिरने से पहले ही जलदाय विभाग और दूदू विधायक उनको बचाने की कोशिश में जुट गए है. दूदू विधायक बाबूलाल नागर ने दोषी अफसरों पर कार्रवाई ना करने की सिफारिश क्या की, मंत्री बीड़ी कल्ला ने तुरंत दूसरी जांच के आदेश दे दिए. जबकि दूदू घपले की पहले ही जांच में JEN,AEN और XEN को दोषी माना जा चुका है. वहीं, फर्म यादव कंस्ट्रक्शन को वर्क आर्डर से 3 महीने पहले ही कार्य शुरू करने का दोषी माना गया, लेकिन बाबूलाल नागर ने फर्म और इंजीनियर्स के बचाव में उतरने के बाद मंत्री ने फिर से जांच के आदेश दे दिए. 

चीफ इंजीनियर ने निलंबित करने की सलाह दी, फिर से जांच क्यों
मंत्री बीड़ी कल्ला ने उप शासन सचिव आरएस मक्कड़ को फिर से जांच के आदेश दिए, लेकिन मक्कड़ ने भी खुद जांच नहीं करके चीफ इंजीनियर अर्बन सीएम चौहान को 7 दिन में जांच के आदेश दे दिए. यानी जांच के बाद भी पूरी जांच रिपोर्ट भूलभुलैया की तरह घूम ही रही है. अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत के निर्देश के बाद में जेजेएम चीफ इंजीनियर आरके मीणा ने दोषी इंजीनियर्स एक्सईएन योगेंद्र सिंह,एईएन दीपेश चौधरी, जेईएन युधिष्टिर मीणा को निलंबित और यादव कंस्ट्रक्शन फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की सलाह दी थी, लेकिन दोषी अफसरों पर कार्रवाई की बजाय अब पूरी गड़बड़ी पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है. 

क्या हो पाएगी दोषियों पर कार्रवाई
ऐसे में बड़ा सवाल ये की आखिर दोषी अफसरों पर कब कार्रवाई होगी और कब फिर से विकास के कार्यो को गति मिलेगी. यही ऐसी ही गड़बड़ी चलती रही तो कैसे हर गांव, हर ढाणी तक पानी पहुंच पाएगा. 

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