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Budget 2021: इंश्‍योरेंस को किया जा सकता है अनिवार्य, बढ़ाया जा सकता है धारा-80D का दायरा

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इंश्‍योरेंस सेक्‍टर (Insurance Sector) चाहता है कि वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) इंश्‍योरेंस को अनिवार्य करें. साथ ही इंश्‍योरेंस सेक्‍टर चाहता है कि आयकर कानून (Income Tax Act) की धारा-80C के तहत टैक्‍स छूट की सीमा (Tax Deduction Limit) भी बढ़ाई जाए.

नई दिल्‍ली. केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) कल यानी 1 फरवरी 2021 की सुबह 11 बजे संसद में बजट 2021-22 (Budget 2021) पेश करेंगी. कोरोना संकट के कारण माना जा रहा है कि इस साल का बजट काफी अलग हो सकता है. इसमें हेल्‍थ सेक्‍टर (Health Sector) के साथ कई दूसरे सेक्‍टर्स पर खर्च में बढ़ोतरी की घोषणाएं की जा सकती हैं. ऐसे में हर सेक्‍टर केंद्र सरकार (Central Government) से अपने लिए राहतभरी घोषणाओं की उम्‍मीद कर रहा है. इसी कड़ी में इंश्‍योरेंस सेक्‍टर (Insurance Sector) भी चाहता है कि सरकार देश के हर नागरिक के लिए बीमा अनिवार्य बनाए. साथ ही आयकर कानून (IT Act) की धारा-80C के तहत मिलने वाली टैक्‍स छूट की सीमा (Tax Deduction Limit) को बढ़ाए.

देश में इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना बुरे समय में आर्थिक मदद के बजाय खर्च ही माना जाता है. इंश्‍योरेंस सेक्‍टर से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐसे में सरकार को लोगों को बीमा योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए कदम उठाने चाहिए. साथ ही गैर-जीवन बीमा के प्रति लोगों को आकर्षित करने के लिए टैक्स बेनेफिट्स लिमिट बढ़ानी चाहिए. साथ ही सरकार को नई बीमा योजनाओं को शुरू करने पर विचार करना चाहिए, जिससे लोगों को ज्‍रूादा फायदा मिल सके. बता दें कि सभी लाइफ और हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी को धारा-80C के तहत टैक्‍स में छूट मिलती है.

धारा-80C में शामिल हैं ईएलएसएस, पीपीएफ समेत कई प्रोडक्‍ट्स
आयकर कानून की धारा-80C के तहत 1.50 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट का फायदा मिलता है. बता दें कि धारा-80C में ईएलएसएस (ELSS), पीपीएफ (PPF), एनएससी (NSC) जैसे बहुत से दूसरे प्रोडक्ट्स शामिल हैं. ऐसे में लोग धारा-80C के तहत टैक्‍स बचत के लिए बीमा योजना के बजाय ऐसे विकल्‍पों में पैसा लगाना बेहतर समझते हैं, जिसमें उन्‍हें टैक्‍स छूट के साथ ही लंबी अवधि में अच्‍छा रिटर्न भी मिल सके. इसलिए सरकार धारा-80C के तहत टैक्‍स छूट की सीमा बढ़ाने पर विचार कर सकती है, ताकि 1.50 लाख रुपये की मौजूदा सीमा को बढ़ाया जा सके.

धारा-80D और 80CCD का दायरा बढ़ाए जाने की है उम्‍मीद
केंद्र सरकार धारा-80D की सीमा में भी बढ़ोतरी कर सकती है. अभी इस धारा के तहत सीमा 50,000 रुपये है. यह केवल वरिष्ठ नागरिकों के लिए था. इस बजट में इसे हर व्‍यक्ति के लिए बढ़ाया जा सकता है. धारा-80CCD में पेंशन प्‍लांस को भी शामिल करने की बात कही जा रही है. बता दें कि एनपीएस स्कीम (NPS) में किए गए निवेश पर धारा-80CCD (1B) के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त छूट मिलती है. इस वजह से लोग लाइफ इंश्योरेंस के बजाय एनपीएस में निवेश करते हैं. उम्मीद की जा रही है कि धारा-80CCD (1B) के तहत पेंशन प्‍लांस पर भी छूट मिलेगी.

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